पत्र और पुष्तक के लिए धन्यवाद। लेखनी पढ़ और सराह रहे हैं देखकर अच्छा लगा। आप जैसे सुधी पाठक, कवि व लेखकों के सहयोग के लिए लेखनी सदैव ही आभारी है। पुष्तकों की समीक्षा का स्तंभ भी शीघ्र ही अवश्य शुरु करेंगे। कविताएं गहरी और अच्छी लगीं ।
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अनुरोध, Request to our readers & writters,
अपनी राय, प्रश्न व समाधान सभी के लिए आप निम्नांकित ई. पत्र का भी प्रयोग कर सकते हैं।
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लेखनी का 2007 का अंतिम अंक गीत और गजल वर्ष विशेषांक था जो पाठकों को खूब पसंद आया। इसबार भी आपके लिए कुछ विशेष संजोने का मन बनाया है। 2008 का अंतिम अंक भारत की विविधतापूर्ण लोकसंस्कृति और लोकगीतों पर आधारित होगा। कवि और लेखक मित्र यदि इन विषयों से संबंधित रचनाओं के साथ सहभागी होना चाहते हैं, तो स्वागत है। दिसंबर-2008 अंक की रचनाओं के लिए अंतिम तिथि 15 नवंबर है।
लेखनी का मार्च-2009 अंक हास्य-व्यंग्य विशेषांक है। लेखक और कवि मित्रों की मौलिक रचनाओं का स्वागत है। भेजने की अंतिम तिथि 20 फरवरी है।